Monday, June 1, 2020

TRUE LEGEND OF INDIA- BABA HARBHAJAN SINGH

अंग्रेजी में कहावत है - LEGENDS ARE NOT BORN, THEY ARE MADE 
तो आज में एक ऐसे भारतीय कविदन्ति (legend) की बात करने जा रहा हु जो एक सच्चे देश भक्त है। 

बाबा हरभजन सिंह  ,वे एक सिख परिवार में ३० अगस्त १९४६ को जन्मे। वे सरदाना नामक गांव में जन्मे और बड़े हुए। उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई पंजाब के पुट्ठी नमक गांव के Dav हाई-school से पूरी की। उसके बाद उन्होंने अमृतसर से भारतीय फ़ौज में भर्ती हो गए। उनके पहले रेजिमेंट का नाम सिख रेजिमेंट था। 

धीरे-धीरे उन्होंने अपनी बढ़ोतरी कर ली थी। लगभग एक साल बाद उन्हें १८ सिख रेजिमेंट में चुना गया। वह भी उन्होंने अपना सम्पूर्ण काम किया। 
फिर ३-४ साल बाद उन्हें २१ सिख रेजिमेंट में भेज दिया गया। वहा उनकी ड्यूटी सिक्किम के नाथुला पहाड़ पर तय हुई। यह एक ऐसी हिंदुस्तानी सरहद थी जो भारत और चीन के बीच स्थित है। इंडो-चाइना बॉर्डर के नाम से भी इसे जाना जाता। इस पहाड़ की उचाई १४,ooo  फट तक है। क्या आप सोच सकते है की कैसी ज़िन्दगी होती होगी इन फौजियों की ? 
 
स बीच उन्हें सामान पहुंचाने का काम सौपा गया।  हरभजन सिंह जी अपने सैनिको के लिए सामान पहुंचने निकले।  उस दौरान अनहोनी घटी और वे उस खाई में गिर गए। उनके रेजिमेंट को उनके बारे में न पता चलने पर उनको भगोड़ा घोषित कर दिया गया। उसके ठीक एक साल बाद उन्होंने अपने मित्र को सपने में आकर उनकी लाश की जगह बताई ,उसके अगले ही दिन सर्च टीम को  उनकी लाश मिली। 
कहा जाता है की वे अपनी मृत्यु के बाद भी नाथुला सरहद पर अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाते रहे। जब भी उनकी सरहद पर कोई सैनिक पलक भी जपकता ,उसके अगले ही पल वह अपने गाल पर जोरों का चाटा महसूस करते जैसे उन्हें किसी आफसर ने चाटा मारा हो। 

कई  बार वे सैनिको के सपनो में आकर उन्हें दुश्मनो के पैतरे भी बताकर जाते। आज भी उनकी तनख्वा उनके घरवालों को पोहोच दी जाती है, आज भी जब वह कोई चिनेसे मिलिट्री कांफ्रेंस होता है तो उनके लिए भी एक कुर्सी छोड़ दी जाती है। हर साल ११ मई को मिलिट्री  बेस से उनका सामान भी कपूरथला स्टेशन तक दो फौजियों के साथ ले जाई जाती है। उनके कपडे जो आज भी मिलिट्री बेस पर रखे हुए है वह खुद-बखुद साफ़ हो जाते है। उनको भारत सरकार  ने परमवीर चक्र से सम्मानित कियागया है। 
अब तो हमें यहाँ भी मन्ना पड़ेगा की --
LEGENDS NEVER DIE......... यदि अपको और भी जानकारी है तो प्लस कमेंट में शेयर करे। 

Wednesday, May 27, 2020

Youth of India

YOUTH यानि युवा ,यवा क्या है ?
-युवा यानि इंसान की ऐसी उम्र जिस उम्र में उसकी बुद्धि तथा शरीर बहुत ज्यादा ताकतवर होते है। 
 इस उम्र में इंसान दुनिया को हिला देने वाली शक्ति रखता है। 
स्टैटिस्टिकल जानकारी से यदि देखा जाये तो ,भारत मैं ही सबसे ज्यादा युवा बास्ते है। भारत के ८० (80)प्रतिशत युवा पड़ना व लिखना जानते है। यह तो कुछ भी नहीं ,यदि हम भूतकाल में देखे तो कुछ ऐसे युवा उद्धरण मिलेंगे ,जिन्होंने पुरे भारत का नाम रोशन कर दिया था। जैसे की स्वामी विवेकाननद जी- जिन्होंने पुरे विश्व में भारत का नाम रोशन कर दिया था ,जिनके कारण हमारी संस्कृति को लोग जानने लगे,हमारा धरम सबसे अलग बन गया। 
यह ही नहीं,वे तोह हमारी युवा पीढ़ी के लिए भी बहुत अच्छे उद्धरण थे। 




स्वामी विवेकानंद जी !





उन्होंने कहा था की "यदि मुझे भारत के कुछ जोशीले,बहादुर और साहसी युवा मिल जाये तो में पुरे देश में क्रांति फैला सकता हु!
आज भले ही भारत के युवा कितनी तकलीफो से गुजरते है पर आज उन्ही के कारण हमारा देश सबसे अलग कहलाता है। 
हम सभी यह जानते है की आज भारत पर कोरोना वायरस का बड़ा खतरा आ पड़ा है,जिस कारन हमारे पुलिस भाई -बहन ,सरे डॉक्टर्स-नर्सेज और उनके साथ-साथ हमारे युवा भी लड़ने के लिए तैयार हो गए है।  कैसे आइये जाने। ....???
वाट्सअप ,फेसबुक,ट्विटर,इंस्टाग्रा इन सभी सोशीयल मीडिया को तो आप जानते ही होंगे! आये दिन इन सभी पर हमारे युवा पोस्ट डालकर सभी को सचेत कर रहे है। बॉलीवुड इंडसट्री के प्रख्यात अभिनेता जैसे शहीद कपूर,सोनू सूद ,अक्षय कुमार ,सलमान खान आदि जैसे युवा भी देश के लिए मुश्किल समय में खड़े है। 
  1. अक्षय कुमार उन्होंने किन्नरों को पैसे से सपोर्ट किया 
  2. सोनू सूद उन्होंने कई श्रमिकों को घर पहुचने की सहायता की। 
  3. सलमान खान ने कई गरीबों को खाना खिलाया। 
आप NCC के बारे  मैं जानते ही होंगे आज कई ncc के कई युवा भी मदद में लगे हुए है ,जिनके कारन हम सुरक्षित है। 
अब आपने जान ही लिया होगा की हमारी युवा पीढ़ी भी काम नहीं है यदि आपकेपास भी ऐसे युवाओं के मददगार किस्से हो तो कृपया कर कमेंट में प्लस शेयर करें। 
                     #YOUTHPOWER#                    
                     #YOUTHOFINDIA#                 
  

Monday, May 25, 2020

दोस्ती -जिंदगी का रोमांचक मोड़ !!!!

 दोस्ती यानि की मित्रता ,फ्रेंडशिप ,...और भी कई नाम है इस समभंद के परन्तु ,हा यह समभंद हर किसी की जिंदगी में किसी के साथ तो होता ही है जैसे-  पिता का बेटे के साथ ,लड़के का लड़की के साथ ,.....कहा जाता है की जब कोई व्यक्ति  जनम लेता है ,तब वह अपने रिश्ते प्राप्त करके ही  आता ,है परन्तु एक रिश्ता जो वह  स्वयं  बनाता है वह है "दोस्ती "मैंने भी अपनी लाइफ में कई सरे दोस्त  बना ए ,अच्छी खासी दोस्तबाज़ियाँ भी की। हर तरह की मस्ती की जैसे दोस्तों के साथ-सोडा की दुकान में सोडा पीना ,सोसाइटी  में वॉचमन की कैब्बिन से दोस्तों के घर पर फ़ोन कर उन्हें परेशां करना ,कई फ्लैट्स में दोस्तों के साथ बेल्ल बजाकर भाग जाना और भी बोहोत कुछ। ..कई तरह के दोस्त बने मेरे कुछ पढ़ाकू टाइप तो कुछ टपोरी ,कुछ आल राउंडर भी थे। लेकिन एक सबसे अलग दोस्त  ,जिसने  मेरी लाइफ को मज़ेदार बना दिया। पहले तो मुझे लगा की यह भी लोकल है पर मेरा अंदाज़ा बिलकुल गलत था। वही था जिसे में मेरी हर बात बतात ,वही एक एकेला था जो मुझे घर पर बुलाने आता और यदि मुझे निचे जाने नहीं मिलता ,तो वही दोस्त था जो  मेरी मम्मी को मनाता। परिक्शा में अगर मेरे काम अंक आते तोह वही था जो मुझे सहानुभूति देता।

 जो पाठ हमने स्कूल में नहीं पढ़े वोह हमें हमारी दोस्ती ने सिखाये। जब भी मेरी किसीके साथ लड़ाई होती तो वही था जो मेरे साथ सामने वाले की बैंड बजने के लिए खड़ा रहता ,वोह मुझपे उछलता था और में उसपे, आप सोच रहे होंगे की में "था " का प्रयोग क्यों कर रहा हु ?कुछ समय के लिए बिछड़ गया था उससे मैं ,पर क्या करूँ  वोह कहते हैं न -दोस्ती जल्दी छूटती नहीं और जल्दी टूटती नहीं।तोह अब आप दोस्ती की विशेषता समझ  ही गए होंगे। IF YOU ALSO HAVE A GOOD FRIEND THEN COMMENT ,SHARE AND FOLLLOW .CLICK ON THIS TEXT----                                    FRIEND 

Sunday, May 24, 2020

सतत विकास (SUSTAINABLE LIFESTYLE )



Sustainable development यदि हिंदी भाषा में कहा जाये तो सतत विकास।   

सतत विकास क्या है ?----वो विकास जो प्रकृति को बचाने के साथ-साथ मानव जीवन में  गुणात्मक बदलाव भी ला सके उसी विकास को सतत विकास कहा जाता है।यदि हम आस-पास देखे तो हमारे चारों ओर विज्ञान के कई अनोखे और हिला देने वाले अविष्कार है।  रन्तु आज मनुष्य ख़तम होने की कगार पर है ,ऐसा क्यों?क्यों आज विज्ञानं की बढ़ोतरी  के बाद भी  इंसानो को ख़त्म  होने  का डर है ?क्या आप ऐसा होने देंगे?
यदि हम मनुष्य  चाहें तो दुनिया को बचा सकते है ?...कैसे आइये  जाने -----------
सौर्य ऊर्जा - बिजली एवं  एलपीजी बचा ने  के लिए हम सूर्य प्रकाश का उपयोग कर  सकते हैं।  आज विज्ञान ने  इतनी प्रगति कर ली है  कि  सूर्यप्रकाश  बिजली उतपन्न कर  ऊर्जा  बचाने  में  सक्षम  है।  आपने  शिरडी  के  मंदिर के दर्शन तो किये ही होंगे।  वहां के कैंटीन  का  खाना सूर्यउर्जा  से  ही  बनाया  जता है।  ऐसे  सोलर  पन्नेल  बहुत ही आसानी  से मार्किट  में  उपलब्ध हैं।  इतना ही नहीं  इन पन्नेल से आप अपनी बिजली के बिल से भी निजात  पा  सकते हैं। ऐसे  और भी कई  उदहारण  हैं  जिन्होंने  सौर ऊर्जा  पैनल  को  अपने घरों  में  उपयोग कर न केवल अपने बिल से निजात पाई है , बल्कि प्राकृतिक ऊर्जा का उपयोग कर मानव निर्मित ऊर्जा को  भी बचाया है।    
पानी  का बचाव - पानी की समस्या दिन -ब- दिन  बढ़ती ही  जा रही है।  शायद आने वाले समय में पानी  भी पैसों से  बिकेगा।!!! यदि इस मसले पर ध्यान नहीं दिया गया तो  शायद  प्यास बुझाने के लिए भी  पैसे  खर्च  करने पड़ेंगे। 
जो  लोग RO का प्रयोग करते हैं  उनसे खास  निवेदन  करना चाहूंगा कि  जो  ख़राब पानी RO से  निकलता  है  उसे  कहीं  स्टोर  क्र लें।  घर के अन्य कार्य उस पानी के उपयोग से किये  जा सकते है ं।  मुझे लगता  है  अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए सबको  इतनी  ज़हमत तो उठानी ही चाहिए !!!!
रसोई  करते  समय  हम बहुत  सारा  पानी  सब्जियां  साफ  करने के लिए  उपयोग करते हैं।  यदि  वही पानी आप  अपने  गमलों  में डाल  दें तो पानी बचत के  साथ साथ  आपके  गमलों में  पौष्टिक को भी डालते  हो जिससे पौधों  को  हरा भरा  रखा जा सकता है। 
आज का समय देखा जाये तो लॉक डाउन  के समय में सभी घर पर रहते है तो बिजली बचाने के लिए  सभी सदस्यों को  एक ही कमरे में सोकर कम बिजली का उपयोग कम कर सकते  है। 
तो दोस्तों यह थे कुछ विचार जिन्हे हम उपयोग में लाये तो हम दुनिया बचा सकते है ,यदि आपके पास भी ऐसे कुछ  विचार हो तो प्लीज कमेंट करे। 
#DUNIYA BACHAO#

Saturday, May 23, 2020

कोरोना कहे सीखो ना !!!

 


यह चित्र को देखकर आप समाज ही गए होंगे की यह कोरोना वायरस है। 
आज देस में कोरोना ने  हंगामा मचाया हुआ है।
भारत ही नहीं पूरी दुनिया इस महामारी  से परेशान है, परन्तु यदि दूसरी ओर देखा जाये तो कोरोना हमें सिख भी देता है ------------

(१) कोरोना लोखड़ौन से हमें पता चला की घर बैठ कर काम करने से भी घर चल सकता है। 
(२) हम सभी जंक फ़ूड के बिना भी जीवन जी सकते है। 
(३) लोखड़ौन के जरिये हमें स्वदेशी अपनाने का सन्देश भी मिला, क्यूंकि जब ऑनलाइन साइट्स काम न लगी तब      हमें लोकल मार्केट ने हमें बचाया। माननीय श्री नरेंद्र मोदी का नारा  भी सिद्ध हुआ LOCAL MEANS VOCAL
(४)सबसे  महत्वपूर्ण चीज़ सोशल डिस्टन्सिंग का मुद्दा भी सामने आया। 
(५)सादा और स्वच्छ जीवन जीना बिलकुल भी मुश्किल नहीं है। 
(६)कोरोना लोखड़ौन की मदद से हमारी भारतीय राशी  (RUPPES) डॉलर की तुलना में मज़बूत बना। 
(७)आज के समय  में लोखड़ौन के कारन हमारे देश के नेता व अभिनेता ,दोस्त हो या दुश्मन सभी एक जुट होकर देश के लिए खड़े है। 
(८)कोरोना लोखड़ौन के जरिये हमें यह भी ज्ञात हुआ की सिर्फ सरहदों पर जान देने वाले ही देश के  फौजी नहीं है ,
 परन्तु डॉक्टर -नर्सेज ,पुलिस वर्ग व् मुंसिपाल्टी  में काम करने वाले हमारे भाई-बहन भी फ़ौज की तरह हमारे लिए मौजूद है।वर्दी का रंग सफेद हुआ

(९)आज कोरोना के कारन हमें यह पता तोह लग ही गया की हम सभी भारतीय मुश्किल वक्त में एक साथ खड़े होकर किसी भी बड़ी मुश्किल को धुल छठा सकते है। मुश्किल समय में बॉलीवुड  इंडस्ट्री के कई अभिनेताओं ने मदद की जैसे-----------
  • अक्षय कुमार उन्होंने PM रिलीफ फण्ड  में २५ करोड़ की राशि का योगदान दिया।
  • सलमान खान जो भाई जान के नाम से जाने जाते है उन्होंने कई गरीब मज़दूरों को खाना पहुंचाया और जर्रूरतमंदो को पैसे पहुँचाये। 
     
अब आप जान ही गए होंगे की कोरोना से हमें क्या -क्या सिख मिली। 

                        कोरोना तुझे समजा टोर्चर  ,

                    निकला तू तो टीचर !!! 

#CORONA SIR#  


प्लस शेयर कमेनेट एंड फॉलो। 




Friday, May 22, 2020

Myself

Hi this is my first blogpost and I chose it as my introduction because I want a direct interaction with you all by sharing my post.
My first day on the earth was 20th November and 2003. I am living in Surat, Gujarat. My goal is to be an Indian Police Services officer (IPS). To be a police officer I joined the National Cadet Corp (NCC) in 2019.
This is my pic in my Ncc uniform.  And I feel so proud in my uniform because I am in that part of society which India supports. My hobbies are to play football and write blogs. 
Any ways I will further write blogs on many topics pls share, follow and comment if you want a blog on any topic. 😀😀😀😀

TRUE LEGEND OF INDIA- BABA HARBHAJAN SINGH

अंग्रेजी में कहावत है - LEGENDS ARE NOT BORN, THEY ARE MADE  तो आज में एक ऐसे भारतीय कविदन्ति (legend) की बात करने जा रहा हु जो एक सच्चे देश...